फायरिंग के दौरान में एसआई मनोज शुक्ला और एसटीएफ का सिपाही घायल हो गया। हमीरपुर पर अमर के होने की सूचना मिलते ही मौके पर ही एसटीएफ की टीम पहुंच गई। पुलिस ने अमर को सरेंडर आत्मसमर्पण करने के लिए कहा लेकिन अमर ने फायरिंग कर दी। इस मुठभेड़ में अमर मारा गया। हमीरपुर के एसपी ने बताया कि अमर के पास ऑटोमेटिकगन और और बैग भी था। जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया है। फॉरेंसिक टीम जांच में जुटी हुई है।
अमर दुबे का नाम कानपुर शूटआउट की एफ आई आर में 14 नंबर पर एवं वांटेड अपराधियों की लिस्ट में नंबर एक पर था। बिल्हौर के सीओ देवेंद्र मिश्र की हत्या अमर ने 10 बदमाशों के साथ मिलकर किया था। अमर दुबे और उसके साथी ने देवेंद्र मिश्र को घसीट कर विकास दुबे के मामा प्रेम कुमार के घर ले गए और गोलियों से मार दिया गया। धारदार हथियारों से वार किया गया विकास दुबे की मामा प्रेम कुमार पांडे पहले ही एनकाउंटर में मारा जा चुका है।
शूटआउट के बाद विकास और अमर एक साथ फरार हुए थे किंतु औरैया से दोनों अलग हो गए। औरैया के दिबियापुर हाईवे में रविवार को लावारिस कार भी मिली थी। अमर भी उसी कार से भागा था। गाड़ी में मिली डाक्यूमेंट्स से साबित होता है कि अमर का लखनऊ में भी घर है। यह भी साबित हुआ कि विकास और अमर रिश्तेदार थी।
2 जुलाई को विकास दुबे की गैंग ने कानपुर की बिकरू गांव में पुलिस की टीम पर फायरिंग कर दी थी। इस हमले में 8 पुलिसकर्मियों की जान चली गई। उत्तर प्रदेश और एसटीएफ पुलिस की टीमें विकास दुबे और उसके साथियों को तलाश में लगातार कोशिश कर रही है। मंगलवार को फरीदाबाद के एक होटल में विकास को देखा गया।
जानकारियों के मुताबिक कहा उसको फरीदाबाद के सेक्टर- 87 में अपने रिश्तेदार के घर में रुका था। विकास अपने साथियों अंकुर और प्रभात होटल में रुकवाया था। विकास उनसे मिलने होटल गया था। इस बीच में पुलिस को मौके पर ही किसी ने सूचना दे दी। परंतु पुलिस के पहुंचने से पहले ही फरार हो गया।
गुड़गांव के कमिश्नर की केके राव ने एक ऑडियो मैसेज में कहा कि विकास गुड़गांव में पहुंच सकता है। उसके पास कोई पर्सनल (खुद की गाड़ी) नहीं है। टैक्सी बस या किसी भी गाड़ी के साथ जा सकता है। सभी सीमा पर नजर रखी जा रही है। साथी यूपी राजस्थान हरियाणा मध्य प्रदेश दिल्ली में अलर्ट जारी किया गया है। विकास दुबे की पहचान के मुताबिक यह पता चला कि वह लंगड़ा कर चलता है।
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